संक्षिप्त परिचय - Moral Stories for Kids
यह कहानी है टिमटिम की—एक नन्हा और प्यारा जुगनू जिसकी रोशनी तो चमकीली हरी है, पर उसकी शरारतें उससे भी बड़ी हैं!
जब रात की ठंडी चादर पूरे जंगल को ढक लेती है और हर तरफ गहरा सन्नाटा छा जाता है, तब सब जुगनू शांति से उड़ते हैं। लेकिन हमारे टिमटिम को यह सन्नाटा बिल्कुल पसंद नहीं। वह चाहता है कि रात में खूब शोर हो, धमाका हो और उत्सव मने!
टिमटिम रात की इस ख़ामोशी को तोड़ने के लिए क्या-क्या जतन करता है? क्या वह शोर मचाने में सफल हो पाता है? या फिर एक समझदार बूढ़ा पक्षी उसे 'शांति का असली जादू' समझाएगा?
आइए, टिमटिम के साथ इस छोटी सी उड़ान पर चलते हैं और सीखते हैं कि कभी-कभी चुप रहकर टिमटिमाना, शोर मचाने से भी ज़्यादा सुंदर क्यों होता है।
Moral stories for kids help children aged 0–6 learn values like patience, calmness, and kindness in a simple and enjoyable way. This picture eBook is specially created for early childhood, using a gentle bedtime story format to teach important life lessons in a fun and engaging manner.
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- प्रकाशक: MiMi Flix
- वेबसाइट: mimiflix.com
- प्रकाशन तिथि: 26 जनवरी, 2026
- श्रेणी: बच्चों की शिक्षा और नैतिक कहानियाँ
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है। इसका उद्देश्य केवल 0-6 वर्ष के बच्चों का मनोरंजन करना और उन्हें नैतिक शिक्षा देना है। कहानी के पात्र, स्थान और घटनाएं लेखक की कल्पना की उपज हैं। लेखक और प्रकाशक ने जानकारी की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया है, लेकिन किसी भी त्रुटि या चूक के लिए कोई जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की जाती है।
प्रस्तावना - घने जंगल की एक जादुई रात
प्यारे छोटे दोस्तों,
क्या आपने कभी रात के समय आसमान को देखा है? जब सब सो जाते हैं, तब भी जंगल में एक छोटी सी दुनिया जाग रही होती है। यह कहानी एक ऐसे ही जादुई जंगल की है, जहाँ ऊँचे-ऊँचे पेड़ हैं और चारों तरफ गहरी शांति है।
इस कहानी में आप मिलेंगे टिमटिम से—एक नन्हा और प्यारा जुगनू, जिसकी रोशनी तो चमकदार है, पर उसका स्वभाव थोड़ा शरारती है। जहाँ सब खामोश रहना चाहते हैं, वहाँ टिमटिम को शोर और धमाका पसंद है।
यह कहानी हमें उस जादुई रात की सैर पर ले जाएगी, जहाँ टिमटिम शोर मचाने की बहुत कोशिश करता है, पर अंत में उसे एक बहुत ही खास रहस्य का पता चलता है। वह रहस्य यह है कि खामोशी भी कितनी सुंदर हो सकती है!
तो चलिए, अपनी आँखों को थोड़ा बंद करें, अपनी कल्पना की दुनिया में पहुँचें और टिमटिम के साथ इस शांति भरी, टिमटिमाती रात का आनंद लें।
टिमटिम से मिलिए - एक चंचल और शरारती जुगनू
एक विशाल और घने जंगल में, जहाँ पुराने ऊँचे पेड़ों की छाँव दिन में भी ज़मीन को अंधेरे से ढके रहती थी, वहाँ एक नन्हा सा जुगनू रहता था जिसका नाम टिमटिम था। टिमटिम जंगल के बाकी जुगनुओं से थोड़ा अलग था; वह स्वभाव से बहुत चंचल, फुर्तीला और शरारती था। जब सूरज ढल जाता और जंगल में रात की काली चादर बिछ जाती, तब टिमटिम की असली मस्ती शुरू होती थी।
वह अपनी छोटी सी पूँछ से एक जादुई हरी रोशनी निकालता और पूरे जंगल में यहाँ-वहाँ बिजली की तरह दौड़ने लगता। उसे एक जगह टिककर बैठना बिल्कुल पसंद नहीं था। जहाँ दूसरे जुगनू धीरे-धीरे उड़ते थे, वहीं टिमटिम अपनी चमक बिखेरते हुए हर झाड़ी और हर फूल के चक्कर काटता रहता था। उसकी शरारतें और उसकी चमक पूरे अंधेरे जंगल में रौनक भर देती थीं।
टिमटिम की चंचलता और उसकी अनोखी हरी रोशनी
टिमटिम की सबसे खास पहचान उसकी निराली चमक थी। उसकी रोशनी का रंग एकदम शुद्ध और चमकदार हरा था, जो अंधेरे जंगल में किसी चमकते पन्ने (Emerald) की तरह दिखता था। टिमटिम अपनी इस रोशनी से बहुत प्यार करता था और उसे दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ता था। वह अपनी चंचलता में कभी अपनी रोशनी को एकदम तेज़ कर देता, जिससे आस-पास के पत्ते भी हरे दिखने लगते, और कभी उसे हल्का सा टिमटिमाता।
वह हवा में गोते लगाते हुए कभी ऊपर आसमान की ओर जाता तो कभी अचानक नीचे आकर घास के तिनकों के बीच छिप जाता। वह चाहता था कि हर कोई उसकी इस सुंदर हरी चमक को देखे और उसकी फुर्ती को महसूस करे। जंगल का कोना-कोना टिमटिम की इस हरी रोशनी से परिचित था, क्योंकि वह अपनी चमक के साथ कभी शांत नहीं रहता था।
जंगल का सन्नाटा और टिमटिम की बेचैनी
जैसे-जैसे रात गहराती और चाँद आसमान के बीचों-बीच पहुँचता, पूरा जंगल एक अजीब सी खामोशी में डूब जाता। हवा का चलना थम जाता, पेड़ों की पत्तियाँ हिलना बंद कर देतीं और जंगल के सारे जानवर मीठी नींद में सो जाते। हर तरफ बस एक गहरा और भारी सन्नाटा छा जाता। लेकिन यह शांति टिमटिम को बिल्कुल भी सुहाती नहीं थी।
जहाँ बाकी जुगनू इस सुकून भरी रात में अपनी मंद रोशनी जलाकर चुपचाप उड़ते थे, वहीं टिमटिम इस सन्नाटे से बहुत परेशान हो जाता था। उसे ऐसा लगता जैसे जंगल बेजान हो गया है। वह यहाँ-वहाँ उड़कर किसी शोर की तलाश करता, पर उसे सिर्फ अपनी ही धड़कन सुनाई देती। यह खामोशी उसे इतनी उबाऊ लगती कि वह बेचैन होकर अपनी जगह पर छटपटाने लगता था।











